Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2026 Live Updates in Hindi: स्वागत है आपका हमारे लाइव ब्लॉग में! आज, 3 मार्च 2026, फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला और बेहद महत्वपूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) है, जिसे दुनिया भर में ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) के रूप में भी देखा जा रहा है।
सूतक काल समाप्त हो चुका है और ग्रहण की मुख्य खगोलीय घटना अब जारी है। हमारे ज्योतिषियों और विज्ञान विशेषज्ञों की टीम आपको पल-पल की अपडेट दे रही है। ग्रहण के दौरान और उसके ठीक बाद आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, क्या करना शुभ है और क्या अशुभ, यह सब जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।
🔥 LIVE Updates: चंद्र ग्रहण 2026
(नोट: यह टाइमलाइन वास्तविक समय में अपडेट की जा रही है)
06:47 PM – ग्रहण पूर्णतः समाप्त, सूतक काल खत्मसाल का पहला चंद्र ग्रहण अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। चंद्रमा अपनी सामान्य आभा में लौट आया है। इसी के साथ सूतक काल भी खत्म हो गया है। अब आप स्नान, दान और पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं। मंदिर के कपाट खुल रहे हैं।
06:10 PM – ग्रहण का अंतिम चरणचंद्रमा अब धीरे-धीरे पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) से बाहर निकल रहा है। ग्रहण अपने अंतिम चरण में है। वैज्ञानिक रूप से यह एक अद्भुत दृश्य है, जहां चंद्रमा की बाईं ओर की सतह फिर से चमकने लगी है।
05:32 PM – पूर्णता (Totality) समाप्त, आंशिक ग्रहण जारीपूर्ण चंद्र ग्रहण की अवधि समाप्त हो गई है। ‘ब्लड मून’ का नज़ारा अब खत्म हो चुका है, लेकिन चंद्रमा अभी भी पृथ्वी की आंशिक छाया में है। भारत के कई हिस्सों में, जहां अभी-अभी चंद्रोदय हुआ है, वहां लोगों को आंशिक ग्रहण का सुंदर दृश्य देखने को मिल रहा है।
04:34 PM – ‘ब्लड मून’ का अद्भुत नज़ारा! पूर्ण ग्रहण शुरूग्रहण अपने चरम पर पहुंच गया है! चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिप गया है, लेकिन सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर चंद्रमा पर पड़ रही है, जिससे वह गहरे लाल रंग (Blood Moon) का दिखाई दे रहा है। यह एक दुर्लभ और सुंदर खगोलीय घटना है।
03:20 PM – स्पर्श (आंशिक ग्रहण) की शुरुआतचंद्र ग्रहण का स्पर्श हो चुका है। चंद्रमा के एक कोने पर पृथ्वी की हल्की छाया दिखनी शुरू हो गई है। वैज्ञानिक दृष्टि से खगोलीय घटना शुरू हो गई है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूतक काल सुबह से ही जारी था।
🕒 चंद्र ग्रहण 2026: मुख्य समय (भारतीय समयानुसार – IST)
| घटना | समय (3 मार्च 2026) |
| उपच्छाया से पहला स्पर्श (Penumbral Begins) | दोपहर 01:23 PM |
| आंशिक ग्रहण शुरू (Partial Begins) | दोपहर 03:20 PM |
| पूर्ण ग्रहण शुरू (Totality Begins) | शाम 04:34 PM |
| महत्तम ग्रहण (Maximum Eclipse – Blood Moon) | शाम 05:03 PM |
| पूर्ण ग्रहण समाप्त (Totality Ends) | शाम 05:32 PM |
| आंशिक ग्रहण समाप्त (Partial Ends) | शाम 06:47 PM |
| सूतक काल समाप्त (Sutak Ends) | शाम 06:47 PM |
भारत में यह ग्रहण चंद्रोदय के समय दिखाई दे रहा है, इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखने का समय थोड़ा भिन्न हो सकता है।
✅ सूतक और ग्रहण खत्म होने के बाद ‘क्या करें’ (जरूरी नियम)ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के बाद शुद्धिकरण और दान का विशेष महत्व है। सूतक काल खत्म होते ही (शाम 06:47 बजे के बाद) तुरंत ये कार्य करें:
सूतक और ग्रहण खत्म होने के बाद ‘क्या करें’ (जरूरी नियम)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के बाद शुद्धिकरण और दान का विशेष महत्व है। सूतक काल खत्म होते ही (शाम 06:47 बजे के बाद) तुरंत ये कार्य करें:
- पवित्र स्नान: ग्रहण खत्म होते ही सबसे पहले स्नान करें। यदि संभव हो तो पवित्र नदी (गंगा, यमुना आदि) में स्नान करें, अन्यथा घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। मान्यता है कि इससे ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव दूर होता है।
- घर और मंदिर की शुद्धि: स्नान के बाद पूरे घर में और विशेष रूप से पूजा स्थल (मंदिर) में गंगाजल का छिड़काव करें। मूर्तियों को स्पर्श किए बिना उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं या पवित्र वस्त्र से पोंछें।
- यथाशक्ति दान: ग्रहण के बाद दान करना महापुण्यदायी माना जाता है। चंद्र ग्रहण के दोष को दूर करने के लिए सफेद वस्तुओं का दान सबसे उत्तम है। आप चावल, चीनी, दूध, चांदी, या सफेद कपड़े किसी जरूरतमंद को या मंदिर में दान कर सकते हैं।
- पूजा और मंत्र जप: घर के मंदिर में दीया जलाएं और अपने इष्ट देव की पूजा करें। ‘ओं नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जप करना इस समय अत्यंत लाभकारी होता है।
- ताजा भोजन: ग्रहण काल में बना हुआ भोजन त्याग दें (यदि उसमें तुलसी दल नहीं था)। ग्रहण के बाद ताजा भोजन बनाएं और परिवार सहित ग्रहण करें।
❌ क्या न करें (इन बातों का रखें खास ख्याल)
सूतक काल समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रहण के तुरंत बाद कुछ नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रह सकता है। इसलिए इन बातों से बचें:
- बासी भोजन न करें: ग्रहण के दौरान खुले रखे गए पके हुए भोजन का सेवन न करें, क्योंकि माना जाता है कि उस पर नकारात्मक किरणें पड़ती हैं। (नोट: यदि भोजन में पहले से तुलसी के पत्ते डाले गए थे, तो उसे खाया जा सकता है)।
- पूजा में जल्दबाजी न करें: जब तक आप स्वयं स्नान न कर लें और मंदिर की शुद्धि न कर लें, तब तक मूर्तियों को न छुएं और न ही कोई बड़ी पूजा शुरू करें।
- वाद-विवाद से बचें: ग्रहण के तुरंत बाद मानसिक शांति बनाए रखें। किसी से झगड़ा या अपशब्द कहने से बचें, क्योंकि इस समय मन अशांत हो सकता है।






